UNFCCC Full Form in Hindi | UNFCCC, COP26, Carbon Net-Zero

UNFCCC Full Form in Hindi | UNFCCC, COP26, Carbon Net-Zero

UNFCCC Full form in Hindi | UNFCCC क्या है? | UNFCCC का गठन कब हुआ था?

UNFCCC का Full Form ‘United Nations Framework Convention on Climate Change’ होता है। UNFCCC का हिन्दी मे फूल फॉर्म “जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन” होता है।

पृथ्वी पर बढ़ रहे तापमान और लगातार हो रहे जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए UNFCCC (United Nations Framework Convention on Climate Change) का गठन 1992 मे किया गया। UNFCCC और UNCED ने मिलकर एक अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण संधि बनाया गया है। जो पृथ्वी के ग्रीन हाउस इफेक्ट को कम करने पर विचार करता है। इस बात पर चर्चा करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय देशों के द्वारा बैठक किया जाता है। एक सम्मेलन किया जाता है इस सम्मेलन को पृथ्वी शिखर सम्मेलन (Earth summit) कहते है।

पहली बार इस योजना को बढ़ाने के लिए देशों से समर्थन मांगा गया। संयुक्त राष्ट्र ने देशों के समर्थन के लिए 3 से 14 जून 1992 को रियो डी जेनेरिओ मे एक सम्मेलन किया और उन सभी देशों के हस्ताक्षर मांगे जो पृथ्वी पर बढ़ रहे तापमान को कम करने मे साथ देंगे। तब 154 देशों नई अपना समर्थन पेश किया। इसमे भारत भी है। 2015, UNFCCC के रिपोर्ट के मुताबिक 154 देशों की संख्या बढ़कर 197 हो गई है।

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COP 26 क्या है?

COP 1, 28 March से 7 April,1995 मे UNFCCC के द्वारा पहला बैठक किया गया था। यह सम्मेलन बर्लिन, जर्मनी मे हुआ था। इसके बाद हर साल ऐसा सम्मेलन होने लगा। 2021 मे COP 26 का बैठक किया गया जिसे Confrence of Parties कहते है। 2021 UNFCCC के सम्मेलन COP 26 इसीलिए कहा गया क्योंकि 1995 से 2021 तक होने वाले बैठक को 26 साल पूरे हो चुके है। इसीलिए COP 26 कहा गया।

COP 26, 26 वां शिखर सम्मेलन था। इसकी मेजबानी यूके और इटली के मध्य साझेदारी मे किया गया। यह सम्मेलन पिछले साल होने वाला था परंतु कोरोना के कहर के कारण इसे अगले सत्र के लिए टाल दिया गया था। जो 2021 मे 1 से 12 नवंबर मे आयोजित किया गया। यह सम्मेलन ग्लासगो मे आयोजित किया गया।

COP 26 क्यों महत्वपूर्ण है? 26 वां शिखर सम्मेलन मे क्या चर्चा हुआ?

जलवायु परिवर्तन से निपटना हमारी पीढ़ी के सामने सबसे बढ़ी चुनौती है। 2050 तक सभी देशों को पर्यावरण प्रदूषण को शून्य तक शुद्ध करने का लक्ष्य है। हमे अक्षय ऊर्जा को सबसे ज्यादा बढ़ाने चाहिए।

कार्बन नेट शून्य क्या है? Carbon Net Zero in Hindi

हम सभी ने नेट ज़ीरो को कई बार सुना है परंतु इसका वास्तविक अर्थ नहीं समझते है। सीधे तौर पर कहे तो वास्तव मे अपने ग्रह पृथ्वी पर उत्पादित ग्रीन हाउस प्रभाव (Green house effect) को शून्य तक कम करना है। जिससे पृथ्वी का 1℃ भी तापमान नहीं बढ़े।

देशों और कंपनियों से लेकर व्यक्तियों तक जलवायु परिवर्तन से निपटना का एजेंडा से सबसे ऊपर है। इसमे यूके ने कहा है, साल 2050 तक हम कार्बन नेट ज़ीरो (Carbon Net Zero in Hindi) होने का लक्ष्य निर्धारित करते है। शायद यह दुनिया की पहली और बड़ी अर्थव्यवस्था है।

कार्बन नेट ज़ीरो करने के लिए हमे अक्षय ऊर्जा का सहारा लेना पड़ेगा क्योंकि ये पर्यावरण को दूषित नहीं करते है। जैसे हवा से, पानी से, सूर्य से।

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