Judwa bacche kaise paida hote hai जुड़वा Twin बच्चे कैसे पैदा होते हैं?

Twin Pregnancy: इस दुनिया में बहुत लोगों के जुड़वा बच्चे पैदा होते हैं। पहले के समय मे इसे शाप माना जाता था और जुड़वा बच्चों का तिरस्कार किया जाता था। पर बदलते समय और जमाने के अनुसार लोगों की सोच बदलने लगी और विज्ञान के जरिए लोगों को पता चल गया हैं कि जुड़वा बच्चों का जन्म कैसे होता हैं।

जुड़वा बच्चों का पैदा होना पूरी तरह से निषेचन पर निर्भर हैं ‘एक ही गर्भावस्था में दो संतानों का जन्म लेना जुड़वा कहलाता हैं।‘ ये संतान पूरी तरह से जुड़वा या एक तरह के हो सकते हैं। जुड़वा संतान एक पैदा नहीं होते परंतु एक ही गर्भाशय से आगे पीछे के समय अंतराल में जन्म लेते हैं।

👉Note-जुड़वा बच्चे कभी भी पिता के कारण नहीं पैदा होते वो अंडों के युग्मन या विखंडन से जन्म लेते हैं।

एसे पैदा होते हैं जुड़वा बच्चे Judwa Bacche paida karne ka tarika

एक जैसे दिखने वाले बच्चे एकयुग्मनज (Monozygotic) Twins Baby in Hindi

एक जुड़वा (twin) संतान वो होते हैं जो एक युग्मन से पैदा होते हैं इसमें एक ही भ्रूण दो अलग-अलग खंडों में विभाजित हो जाता हैं इसके बाद युग्मित भ्रूण एक ही जगह पनपते हैं और एक जैसे शक्ल के पैदा होते हैं इसमें ज्यादा चांस होता हैं एक लड़की और एक लड़के पैदा होने का इसको एकयुग्मनज (monozygotic) कहते हैं।

ये बच्चे लगभग एक जैसे ही दिखते हैं चेहरा,बाल, हाथ और पैर एक जैसे ही होते हैं एसे भी कह सकते हैं ये एक ही लिंग के होते हैं अब एक साथ लड़की होगी या एक साथ लड़का। हाल ही में शोध के अनुसार पाया एकयुग्मनज जुड़वा बच्चे तभी होते हैं एक अंडा, एक शुक्राणु से मिलकर एक युग्मनज भ्रूण का निषेचन करता हैं तभी जुड़वा बच्चे पैदा होते हैं इसमें कभी-कभी एक भ्रूण तीन बार टूट जाता हैं तब तीन भी बच्चे हो जाते हैं ये आनुवंशिकता का ज्यादा तरीके से लक्षण माना जाता हैं।

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अलग अलग दिखने वाले जुड़वा बच्चे द्वियुग्मनज (Dizygotic) Twins Baby in Hindi

दूसरे केस में जुड़वा संतान का होना दो अंडों या भ्रूण का अलग-अलग निषेचन का क्रिया होता हैं इसमे दो शुक्राणु दो अंडों से निषेचित होते हैं। तब जुड़वा बच्चे पैदा होते हैं इस क्रिया को द्वियुग्मनज (dizygotic) कहते हैं। ये भ्रूण जरूरी नहीं की एक साथ रहे गर्भाशय में अलग-अलग स्थान पर रहकर भी बच्चे का निर्माण करते हैं।

डाइजाईगोटिक जुड़वा बच्चे ये जरूरी नहीं की एक जैसे ही दिखते हो और ये भी जरूरी नहीं की एक ही लिंग के संतान पैदा हो एक लड़के के साथ एक लड़की या दोनों लड़की या दोनों लड़का पैदा हो सकते हैं। इस प्रकार से बने भ्रूण गर्भाशय के अलग अलग दीवारों पर निषेचन की क्रिया करते हैं।

आप भी ऐसे पैदा कर सकते हैं जुड़वा संतान Judwa Bacche paida karne ka tarika

कई पैरेंट्स चाहते हैं कि हमारा भी Judwa बच्चे हो ऐसे में वो सोचने लगते हैं कैसे पैदा करना हैं। आपके जानकारी के लिए बता दूँ ये प्राकृतिक तो होता ही हैं पर फिज़िकल तरीके से भी होता हैं। इसमें कोई बुराई नहीं हैं कि आप चाहते हैं जुड़वा बच्चे को जन्म देना। इसमें कुछ ऐसे खान पान और संबंध position का ध्यान रखना पड़ता हैं। जहां तक संभव होता हैं जुड़वा ही होता हैं।

जुड़वा संतान पैदा होने के संभावित कारण Factor of Twin baby born posbilities

आनुवंशिक संभावना – कभी-कभी ऐसा होता हैं नर Judwa पैदा हुआ हो या मादा जुड़वा पैदा हुई हो या दोनों के माता जुड़वा पैदा हुई हो या पिता जुड़वा पैदा हुए हों तब संभावना बढ़ जाता हैं कि आपके द्वारा संतान जो आएगा वो जुड़वा होगा। इसके अलावा इस संतान के पहले वाले संतान जुड़वां पैदा हुए हो तब भी संभावना बढ़ जाती हैं दूसरी बार भी twin baby पैदा होगा।

शरीर के अनुसार – जो महिलाये लंबी होती हैं उनके पास कहा जाए तो चांस रहता जुड़वा पैदा करने का इसके अलावा जो महिलाये खा-पीकर तगड़ी होती हैं पतली महिलावों के बजाए उनके भी जुड़वा बच्चे होने के अधिक संभावनाए रहती हैं। मोटी महिलावों की सेहत अच्छी होती हैं जो भ्रूण को ज्यादा ऊर्जा देती हैं और भ्रूण बिभाजित हो जाता हैं।

महिला की आयु – अगर बनने वाली माँ की आयु 35 वर्ष से अधिक हो तब जुड़वा संतान पैदा हो जाते हैं। ऐसे महिलावों में Familial Hypocalciuric Hypercalcemia (FHH) यह एक प्रकार का हार्मोन होता जो इस उम्र में अधिक निकलता हैं इस क्रिया में अंडाशय से अधिक मात्रा में अंडे निकलने लगते हैं जिसके कारण अंडों का निषेचन ज्यादा हो जाता हैं और जुड़वा बच्चे पैदा हो जाते हैं।

पहले भी जुड़वा गर्भ धारण – इसमें ये लगभग सिद्ध हो जाता हैं की माँ को इसके पहले भी जुड़वा बच्चे हुए थे और इस बार गर्भधारण में जुड़वा होंगे।

प्राकृतिक तरीके जिनसे जुड़वा बच्चे होते हैं Natural type for twin baby born

जुड़वा बच्चा पैदा करने के लिए डेयरी उत्पादन का सेवन करे

वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार ऐसा माना गया हैं की जो महिला डेयरी जैसे की दूध या दूध से बने उत्पादों का अत्यधिक मात्रा में सेवन करती उसके पाँच गुना चांस बढ़ जाता हैं जुड़वा संतान पैदा होने का अगर आप भी जुड़वा बच्चे चाहते हैं तो ऐसे उत्पाद का सेवन करे।

उच्च मात्रा में फोलिक ऐसिड ऐसिड वाले खाद्य का सेवन

सभी महिलाओ के ये पता नहीं होता कि गर्भ धारण के समय ज्यादा फोलिक ऐसिड वाले सब्जियों और फलों के खाली से बच्चा जुड़वा पैदा होता हैं। फोलिक ऐसिड ‘विटामिन बी’ को कहते हैं ये सबसे ज्यादा पालक, ब्रोकली, बीन और मटर में पाया जाता हैं इसके ज्यादा सेवन करने से जुड़वा बच्चे पैदा होते हैं।

गर्भनिरोधक गोलिया खाने से बचे

जिन महिलाओ को जुड़वा बच्चे पैदा करना हो वो गर्भनिरोधक वाली दवा का सेवन काम कर देना चाहिए इससे शरीर प्राकृतिक ढंग से कार्य करता हैं और निषेचन के समय युग्मन हो जाता हैं जिससे जुड़वा बच्चे होते हैं।

गर्भावस्था के दौरान समय का अंतर

अगर पहले गर्भावस्था के दौरान जुड़वा बच्चा पैदा हुआ हो तो इसके बाद लंबी दूरी रखे जिससे जुड़वा बच्चा पैदा हो सके लगातार करने से जुड़वा बच्चे होने का संभावना नहीं रहता हैं।

रतालू या जिम्मीकन्द का सेवन करे

रतालू पर शोध के समय पता चला की ये जुड़वा बच्चे पैदा करने का सही तरीका हैं अफ्रीका के एक गाँव में जुड़वा की संख्या ज्यादा हैं वहाँ पता चला की लोग रतालू का सेवन अधिक करते हैं।

जुड़वा बच्चा पैदा करने के लिए यौन संबंध का सही तरीका अपनाए Right S*x Position for Born Twin Baby

Doggy Style – जुड़वा बच्चे अगर पैदा करना हैं तो डॉगी स्टाइल में संबंध बनाए जिससे वीर्य गर्भाशय के मुख तक आसानी से पहुँच जाता जाता हैं। निषेचन की प्रक्रिया में आसानी हो जाती हैं और जुड़वा बच्चे पैदा होने के अधिकता बढ़ जाती हैं।

Standing-Up Position – खड़े होकर S*x करने से (doggy style के तरह ही ) भी शुक्राणु गर्भ के पास से आसानी से पहुँच जाते हैं। यह एक शोध किया गया तरीका हैं पर इसमें जरूरी नहीं हर बार ऐसा हो। इसलिए आप इसके लिए खुद सोचे।

Missionary Style – इस position में मादा नर के साथ पीठ के बल लेटी हुई होती हैं दोनों पैर के शेयर आगे पीछे करके संबंध बनाते हैं जुड़वा बच्चा पैदा करने के लिए उपयुक्त position हैं।

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