NDRI full form in Hindi | एनडीआरआई क्या है?

एनडीआरआई (NDRI) का full form ‘National Dairy Research India’ होता है। NDRI को हिन्दी मे राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान कहते है।

स्थापित 1923
प्रकार डेयरी शोध संस्थान
निदेशक डॉ एम एस चौहान
स्थापित करनाल, हरियाणा, भारत
ऑफिसियल वेबसाईट http://ndri.res.in/

एनडीआरआई क्या है? What is NDRI in Hindi?

एनडीआरआई (National Dairy Research India) भारत मे एक मात्र सरकारी दुग्ध उत्पादन केंद्र है। यहाँ पर दुग्ध विकास के बारे मे पढ़ाया जाता है। जिससे कि भारत के डेरी वाले लोगों को जागरूक किया जा सके, जिससे वे अपने दूध का ज्यादा से ज्यादा उत्पादन कर सके। एनडीआरआई, आईसीएआर द्वारा प्रमाणित संस्थान है।

राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) करनाल, हरियाणा मे स्थित है। करनाल का यह एनडीआरआई डेरी के क्षेत्र मे प्रमुख संस्थानों मे से एक है। जिसने डेरी उद्योग के विकास मे बहुत योगदान दिया है। National Dairy Research India (NDRI) 96 साल से अधिक पुराना है।

भारत मे गाय और भैंसों से संबंधित समस्याओं को ठीक करने के लिए नई तकनीकों का विकास किया जाता है। मवेशी पशुओं के रख रखाव और उनसे जुड़े बीमारियों और जटिलताओं के बारे मे गहन अध्ययन किया जाता है।

देश भर से छात्र यहाँ पढ़ने, सीखने और डिग्री हासिल करने के लिए आते है। गाय और भैंसों के अलग- अलग रिसर्च से उनके अलग-अलग पैदावार को बढ़ाया जाता है। इनके क्रास ब्रेड से नए ब्रीड को बनाया जाता है।

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National Dairy Research Institute का इतिहास

एनडीआरआई की नींव सन 1 जुलाई, 1923 को बेंगलुरू मे रखा गया था। तब एनडीआरआई का नाम इंपीरियल इंस्टिट्यूट ऑफ एनिमल हसबेन्डरी एण्ड डेयरी था। 1936 मे पूर्व से नाम बदलकर इंपीरियल डेयरी इंस्टिट्यूट कर दिया गया।

भारत जब स्वतंत्र हुआ और एक आजाद देश मे शामिल हो गया, तब 1947 मे इसका नाम बदलकर वर्तमान नाम एनडीआरआई कर दिया गया। 1955 मे एनडीआरआई को करनाल, हरियाणा मे स्थापित कर दिया गया। इसके बाद 1989 मे इस एनडीआरआई को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया गया। आज नैशनल डेयरी रिसर्च भारत के प्रमुख डेयरी अनुसंधान संस्थान है।

एनडीआरआई से जुड़े जानकारी

  • एनडीआरआई (NDRI) एक बहुत बड़ा विश्वविद्यालय के समान है, इसमे ऊंचे भवन, व आवासीय मकान है।
  • करनाल मे 560 हेक्टेयर के परिसर मे NDR का विशाल व आधुनिक दुग्ध प्रणाली का संचालन है।
  • कम दूध देने वाले गाय व भैंसों के नस्ल को पहचान कर नए ब्रीड व नए नस्ल का तैयार किया जाता है। जो की ज्यादा दूध दे सके।
  • जैव प्रोद्योगिकी, आणविक जीव विज्ञान, कोशिका संरचना, किण्वन प्रोद्योगिकी प्रोटीन रसायन विज्ञान, पोषण विज्ञान, खाद्य प्रोद्योगिकी और सूक्ष्म तत्व विश्लेषण के सबसे उन्नत क्षेत्रों का अनुसंधान मे प्रयोग किया जाता है।
  • शिक्षण और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के अलावा एनडीआरआई के पास मॉडल डेयरी प्लांट भी है, जिसमे 60,000 लीटर तक दूध का उत्पादन क्षमता है। दूध के उत्पादन के लिए 1800 से अधिक डेयरी पशु भी रखे गए है जिन पर शोध होता रहता है।
  • अनुसंधान और शोध मे मिले जानकारियों के संचालन के लिए डेयरी के पास खुद का राष्ट्रीय पुस्तकालय है, जिसमे 94,000 दस्तावेज रखे गए है।
  • लगभग 160 उच्च योग्य और अनुभवी वैज्ञानिक और 185 तकनीकी कर्मचारी, प्रशासनिक और सहायक कर्मचारियों के अलावा एनडीआरआई का संचालन करने के लिए, शैक्षणिक कार्यक्रमों को चलाने के लिए 215 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट है।
  • एनडीआरआई को 2016-2017, 2017-2018 और 2018-2019 मे लगातार तीन बार 4 डीम्ड विश्वविद्यालय सहित भारत के सभी कृषि विश्वविद्यालयों मे प्रथम स्थान प्राप्त करने का अनूठा गौरव प्राप्त है।
  • एनडीआरआई संस्थान को डेयरी के क्षेत्र मे अति उच्च उपलब्धि के कारण 2014 मे तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा सरदार पटेल ICAR संस्थान पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।
  • इससे पहले NDRI को पूरे भारत के शैक्षणिक संस्थानों मे प्रतिभा और नेतृत्व की पहचान के लिए एजुकेशन लिडरशिप अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।
  • यहाँ पढ़कर कई हस्तियों और वैज्ञानिकों ने अपने शोध के लिए उच्च पुरस्कार से सम्मानित हो चुके है।

FAQs

Q. एनडीआरआई का निदेशक (Director) कौन है?

Ans. एनडीआरआई का वर्तमान समय मे निदेशक Dr. MS Chauhan है।

Q. National Dairy Research Institute (NDRI) भारत मे कहा स्थित है?

Ans. NDRI भारत के राज्य हरियाणा के करनाल मे स्थित है।

Q. एनडीआरआई किस संस्थान से संबंधित (Affiliated) है?

Ans. एनडीआरआई आईसीएआर संस्थान से संबंधित है।

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