IPC का Full Form क्या होता हैं जाने हिन्दी में

IPC का full form Indian Penal Code होता हैं। IPC को हिन्दी में भारतीय दंड संहिता कहते हैं।

आईपीसी (IPC) कब लागू किया गया था?

भारतीय दंड संहिता (IPC) को अंग्रेजों के शासन काल में 1 जनवरी, 1862 ई. मे लागू किया गया था। आईपीसी का संशोधन समय-समय पर होता रहता हैं। भारतीय दंड संहिता को भारत के अंदर ही भारत के किसी भी नागरिक द्वारा कीये गए अपराधों और गैर कानून कीये गए कार्य के लिए दंड का प्रावधान करता हैं। इसके तहत भारत का कोई भी नागरिक जिसने अपराध किया हैं उसको उसके अपराध के तहत उसी धारा पर दंड दिया जाता हैं।

ये दंड अपराधी नागरिक को जुर्माना, कारावास और फांसी जैसे गति भुगत कर चुकाना पड़ता हैं। अपराधी को फांसी तब ही दिया जाएगा जब बहुत बड़ा संगीन जुर्म या देशद्रोह जैसे अपराध किया हो तो। अपराधी को अपने अपराध का दंड सिर्फ कोर्ट में बैठा जज ही देता हैं।

आईपीसी (IPC) से जुड़े रोचक तथ्य

  • आईपीसी को हिन्दी में भारतीय दंड संहिता कहते हैं।
  • आईपीसी सिर्फ भारत के अंदर भारत के अपराध करने वाले नागरिकों दंडद देने के लिए लागू किया गया हैं।
  • आईपीसी को शाही विधान परिषद द्वारा लागू किया गया हैं।
  • 6 अक्टूबर, 1860 को भारत के अंदर लागू करने का प्रस्ताव पास हुआ।
  • 1 जनवरी, 1862 को भारत के अंदर पूर्ण रूप से लागू कर दिया गया।
  • Indian Penal Code के अंदर 23 अध्याय और 511 धारा हैं।
  • 1870 से 2018 के बीच अभी तक 77 बार आईपीसी में बदलाव कीये गए हैं।
  • बलात्कार और यौन अपराध धारा 375 और 377 के अंदर आता हैं।
  • आईपीसी धारा 300 के अंदर हत्या करना हैं।
  • आईपीसी धारा 307 हत्या की कोशिश।
  • आईपीसी धारा 395 डकैती
  • आईपीसी धारा 396 डकैती के दौरान हत्या।
  • आईपीसी धारा 201 सबूत मिटाना।
  • कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर, धारा 46 के तहत शाम 6 बजे के बाद और सुबह 6 बजे के पहले किसी भी महिला को गिरफ्तार नहीं कर सकते क्यों न महिला ने कितना भी संगीन जुर्म किया हो।
  • पब्लिक लायबिलिटी पॉलिसी के तहत अगर आपके घर में सिलेंडर फट जाता हैं और आपके जान माल का नुकसान होता हैं, तो आप तुरंत उस गैस कंपनी पर बीमा कवर क्लैम कर सकते हैं इसके एवज में कंपनी को आपको 40 लाख देने का प्रावधान हैं अगर गैस कंपनी ऐसा नहीं करता हैं तो उसके खिलाफ शिकायत करके उसका लाइसेस रद्द कर सकते हैं।
  • इंडियन सीरीज धारा 1887 के अनुसार अगर आपको प्यास या बाथरूम लगा हैं तो आप भारत के किसी भी होटल में आप बाथरूम या पानी के लिए सहायता ले सकते हैं। अगर होटल वाला आपको किसी भी तरह से मना करता हैं तो आप उसके खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर सकते हैं तुरंत उसका लाइसेंस रद्द हो जाएगा।
  • मैटरनिटी बेनेफिट धारा 1961 के अनुसार गर्भवती महिला को उसके नौकरी से नहीं निकाल सकते हैं।

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